भारत के शीर्ष 50 प्रमुख मंदिर एवं तीर्थस्थल
सनातन धर्म के सबसे पवित्र और जाग्रत मंदिरों की जानकारी। MyCityAstro के विद्वान आचार्यों द्वारा इन सिद्ध पीठों और ज्योतिर्लिंगों में अपनी विशेष पूजा व अनुष्ठान बुक करें।
प्रमुख मंदिर प्रोफाइल
सभी सिद्धपीठों और ज्योतिर्लिंगों की सूची
बाबा बैद्यनाथ धाम
बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रमुख कामना लिंग। यहाँ रुद्राभिषेक एवं जलाभिषेक का विशेष महत्व है, जिससे भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पूजा जानकारी लेंश्री काशी विश्वनाथ मंदिर
मोक्ष नगरी काशी में स्थित बाबा विश्वनाथ का मंदिर। यहाँ रुद्राभिषेक, कालसर्प शांति एवं महामृत्युंजय जाप का विशेष धार्मिक विधान है।
पूजा जानकारी लेंश्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग। यहाँ भस्म आरती, मंगलनाथ पूजा एवं कालसर्प दोष निवारण पूजा से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है।
पूजा जानकारी लेंमाँ छिन्नमस्तिका मंदिर
यह सिद्ध शक्तिपीठ भैरवी और दामोदर नदी के संगम पर स्थित है। यहाँ तंत्र साधना एवं माता के विशेष अनुष्ठान का अत्यंत महत्व है।
पूजा जानकारी लेंतारापीठ (माँ तारा मंदिर)
यह एक प्रमुख तांत्रिक सिद्धपीठ है। यहाँ माँ तारा की साधना, हवन एवं तंत्र बाधा निवारण के लिए विशेष पूजाएं संपन्न की जाती हैं।
पूजा जानकारी लेंमाँ बगलामुखी मंदिर
शत्रु नाश, कोर्ट-कचहरी में विजय और हर प्रकार की बाधाओं को दूर करने के लिए माँ बगलामुखी (पीतांबरा) का विशेष अनुष्ठान यहाँ किया जाता है।
पूजा जानकारी लेंमाँ शारदा भवानी (मैहर देवी)
त्रिकूट पर्वत पर स्थित माँ शारदा का यह सिद्ध पीठ विद्या, बुद्धि और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए अत्यंत जाग्रत माना जाता है।
पूजा जानकारी लेंनीम करोली बाबा आश्रम
कैंची धाम में स्थित यह पवित्र आश्रम बाबा नीम करोली महाराज का तपोस्थान है। यहाँ दर्शन और विशेष प्रार्थना से मानसिक शांति मिलती है।
पूजा जानकारी लेंश्री रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग
भगवान राम द्वारा स्थापित इस ज्योतिर्लिंग में जलाभिषेक और पितृ दोष शांति का अनुष्ठान करने से ब्रह्महत्या जैसे पापों से मुक्ति मिलती है।
पूजा जानकारी लेंश्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग
यह ज्योतिर्लिंग नागों के देवता भगवान शिव को समर्पित है। यहाँ कालसर्प दोष निवारण और रुद्राभिषेक का अत्यधिक महत्व माना गया है।
पूजा जानकारी लेंश्री जगन्नाथ मंदिर
चार धामों में से एक पवित्र जगन्नाथ पुरी। यहाँ भगवान विष्णु के अवतार श्री जगन्नाथ जी की विशेष अर्चना और महाप्रसाद का अद्भुत विधान है।
पूजा जानकारी लेंमाँ विंध्यवासिनी मंदिर
माँ दुर्गा के जाग्रत शक्तिपीठों में से एक विंध्याचल धाम। यहाँ त्रिकोण परिक्रमा और माता का विशेष श्रृंगार कराने से सभी कष्ट दूर होते हैं।
पूजा जानकारी लेंमाँ कामाख्या शक्तिपीठ
तंत्र-मंत्र और महाविद्या साधना का सर्वोच्च केंद्र। यहाँ शत्रु बाधा निवारण एवं तंत्र मुक्ति के लिए विशेष अनुष्ठान संपन्न कराए जाते हैं।
पूजा जानकारी लेंश्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग
12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम स्थान रखने वाला यह पवित्र मंदिर। यहाँ भगवान शिव का महाभिषेक और विशेष पूजा कराने से सभी पाप कट जाते हैं।
पूजा जानकारी लेंमल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग
इसे दक्षिण का कैलाश भी कहा जाता है। यहाँ शिव और शक्ति दोनों का वास है, जहाँ विशेष अर्चन से जीवन में सुख और संपदा आती है।
पूजा जानकारी लेंओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग
नर्मदा नदी के तट पर 'ॐ' आकार के द्वीप पर स्थित पवित्र ज्योतिर्लिंग। यहाँ नर्मदा स्नान और शिव आराधना का अनंत फल प्राप्त होता है।
पूजा जानकारी लेंश्री केदारनाथ धाम
हिमालय की गोद में स्थित भगवान शिव का परम धाम। यहाँ रुद्राभिषेक और महापूजन कराने से जीवन के सभी दुख और संताप दूर होते हैं।
पूजा जानकारी लेंभीमाशंकर ज्योतिर्लिंग
सह्याद्रि पर्वतमाला में स्थित जाग्रत ज्योतिर्लिंग। यह स्थान शिव जी द्वारा त्रिपुरासुर के वध का प्रतीक है, जहाँ विशेष रुद्राभिषेक फलदायी है।
पूजा जानकारी लेंत्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग
गोदावरी के उद्गम स्थल पर स्थित त्र्यंबकेश्वर में नारायण नागबलि, त्रिपिंडी श्राद्ध एवं कालसर्प पूजा का विशेष शास्त्रोक्त महत्व है।
पूजा जानकारी लेंघृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग
यह भगवान शिव का 12वां अंतिम ज्योतिर्लिंग है। यहाँ पूर्ण भक्ति भाव से पूजन और अभिषेक करने पर संतान सुख और ऐश्वर्य मिलता है।
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